स्वास्थ्य विभाग फाजिल्का नियमित रूप से नवजात शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण करता है और संबंधित कर्मचारियों के साथ बैठक भी करता है ।

इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए फाजिल्का के सिविल सर्जन डॉ. चंद्र शेखर कक्कड़ ने बताया कि यदि किसी गर्भवती महिला और 5 वर्ष तक के बच्चे की गर्भावस्था के दौरान मृत्यु हो जाती है , प्रसव के दौरान मृत्यु हो जाती है और 5 वर्ष तक की आयु के किसी भी बच्चे की 42 वर्ष की आयु के बाद मृत्यु हो जाती है। प्रसव के दिनों में यदि किसी कारण से मृत्यु होती है, तो स्वास्थ्य विभाग कारण की जांच के लिए मातृ मृत्यु समीक्षा बैठक आयोजित करता है।
इसको लेकर आज सिविल सर्जन कार्यालय में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. कविता सिंह ने बैठक की। उन्होंने कहा कि इस बैठक में इलाज करने वाले डॉक्टर , सहकर्मी और मृतक के परिजन जरूर शामिल हैं . कमियों का गहनता से विश्लेषण किया जा सके ताकि मृत्यु के कारणों की गहनता से जांच की जा सके और भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति से निपटा जा सके ताकि मृत्यु को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि बैठक के बाद स्टाफ की बैठक की जाती है और स्टाफ को हिदायत भी दी जाती है ताकि इस तरह की कमी दोबारा न हो. बैठक में गर्भवती महिलाओं की उच्च जोखिम गर्भावस्था और घर पर नवजात शिशु की देखभाल और टीकाकरण के बारे में एनएम और आशा कार्यकर्ता को जानकारी दी गई।
इस जांच का मुख्य उद्देश्य भविष्य में ऐसी मौतों को रोकना है। वर्तमान में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. कविता सिंह। , स्त्री रोग विशेषज्ञ , और पूजा रानी एएनएम आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।
