पंजाब सरकार किसानों को रबर की फसल लगाने के लिए डीएपी खाद उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके तहत उपायुक्त डाॅ. सोना थिंड डी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार। एपी किसानों को उर्वरक की आपूर्ति को सुविधाजनक बनाने के लिए, तहसील अमलोह में तहसीलदार श्री जिंसु बांसल ने कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ औचक जांच की, जिसके तहत उर्वरक विक्रेताओं के रिकॉर्ड और गोदामों की जांच की गई।

तहसीलदार श्री जिंसू बंसल ने बताया कि
तहसील अमलोह में उर्वरकों की बिक्री में कोई कमी नहीं पाई गई तथा स्टॉकिंग व टैगिंग भी नहीं पाई गई। उर्वरक विक्रेताओं ने यह भी आश्वासन दिया कि उर्वरक की उपलब्धता में किसानों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
श्री बंसल ने मौके पर मिले किसानों से कहा कि यदि कोई उर्वरक विक्रेता उर्वरक टैग लगा अनावश्यक सामान बेचता है तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को दी जाये।
चेकिंग टीम में शामिल कृषि पदाधिकारी श्री बूटा सिंह ने किसानों से अनुरोध किया कि डी.ए.पी पीएयू अपने खेतों में उर्वरक का उपयोग करता है। मात्रा के आधार पर ही अनुशंसा की जानी चाहिए ताकि डी.ए.पी के अनावश्यक उपयोग के कारण आपूर्ति में कमी उचित मात्रा में खाद दी जा सकेगी।
