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Monkeypox Symptoms: कैसे पता लगाएं कि आप मंकीपॉक्स की चपेट में हैं, क्या होती है इसकी पहचान?

भारत में मंकीपॉक्स के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसे वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने एक गंभीर और घातक बीमारी बताया है, ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि मंकीपॉक्स क्या है, इसके लक्षण क्या हैं.


Monkey pox symptoms and Treatment: भारत में मंकीपॉक्स (monkeypox) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी कि WHO ने भी इस वायरस के प्रकोप को घातक बताया है और इससे बचने की सलाह दी है. हाल ही में विदेश से लौटे एक शख्स में मंकीपॉक्स के सिम्टम्स पाए गए थे, इसके बाद उसे आइसोलेट कर दिया गया है.

ऐसे में चलिए हम आपको बताते हैं कि मंकीपॉक्स क्या होता है, इसके लक्षण (monkey pox symptoms) क्या है और कैसे आप इससे बचाव (monkey pox  treatment) कर सकते हैं, ताकि किसी भी स्थिति में आप पैनिक ना हो और आसानी से इस बीमारी से बच सकें.’

क्या होता है मंकीपॉक्स
मंकीपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है, जो आमतौर पर संक्रमित व्यक्ति या जानवर के सीधे संपर्क में आने से फैलती है. इस बीमारी को एमपॉक्स नाम से भी जाना जाता है. यह वायरस आमतौर पर जानवरों और मनुष्यों को प्रभावित कर सकता है. मंकीपॉक्स के लक्षण 3 से 17 दिन के बाद शुरू हो सकते हैं, जब मंकीपॉक्स के लक्षण दिखाई देते हैं तो इसे इनक्यूबेशन पीरियड कहा जाता है. तो चलिए हम आपको बताते हैं कि मंकीपॉक्स के लक्षण क्या है और कैसे आप इससे बचाव कर सकते हैं.

मंकीपॉक्स के लक्षण
मंकीपॉक्स बीमारी आमतौर पर 2 से 4 सप्ताह तक रहती है और इसमें ये लक्षण शामिल होते हैं-
शुरुआती लक्षण (एक्सपोजर के 0-5 दिन बाद)
बुखार
सिरदर्द
मांसपेशियों में दर्द
ठंड लगना
थकान

बाद के लक्षण (बुखार शुरू होने के 1-3 दिन बाद)
हथेलियों, तलवों पर चपटे धब्बे (मैक्यूल्स), उभरे हुए उभार (पैप्यूल्स), मवाद से भरे छाले (पस्ट्यूल्स)
कमर दद
गला खराब होना
खांसी

मंकीपॉक्स का उपचार
मंकीपॉक्स के लिए कोई खास इलाज नहीं है, लेकिन कुछ संभावित उपचारों में शामिल हैं-
बुखार और दर्द के लिए: बुखार और दर्द होने पर पेरासिटामोल (एसिटामिनोफेन) या इबुप्रोफेन जैसी दवाओं का उपयोग किया जा सकता है.
हाइड्रेशन: हाइड्रेट रहने के लिए खूब सारे लिक्विड का सेवन करें, खासकर अगर बुखार और दाने गंभीर हों.
घाव की देखभाल: संक्रमण से बचने के लिए त्वचा के घावों को साफ और सूखा रखें. यदि जरूरी हो तो एंटीसेप्टिक मरहम लगाएं.
एंटीवायरल दवाएं: टेकोविरिमैट (टीपीओएक्सएक्स) जैसी एंटीवायरल दवाएं मंकीपॉक्स के इलाज के लिए दी जाती हैं.

आइसोलेशन है जरूरी
वायरस के प्रसार को रोकने के लिए संक्रमित व्यक्तियों को अलग किया जाना चाहिए, क्योंकि मंकीपॉक्स सीधे संपर्क, शरीर के तरल पदार्थ और सांस के जरिए भी फैल सकता है. 

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