कार्यक्रम का आयोजन पंजाबी चेतना साहित्य सभा, सरहिंद के सहयोग से किया गया

पंजाबी चेतना साहित्य सभा सरहिंद के सहयोग से भाषा विभाग द्वारा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें प्रमुख पंजाबी शिरोमणि बाल साहित्य लेखक कमलजीत नीलों और पुआधी उप-बोली लेखक चरण पुआधी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस साहित्यिक आयोजन में सतीश विद्रोही, पवन हरचंदपुरी और कई अन्य प्रसिद्ध योगदानकर्ताओं ने भाग लिया । साहित्यिक कार्यक्रम की शुरुआत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रतिभाशाली बच्चों ने अपनी मौलिक रचनाएं पढ़कर की। इसके बाद प्रसिद्ध लोक गायक महिंदर सिंह मिंदी ने साहित्य सभा संरक्षक अजीपाल सिंह बाठ द्वारा लिखित धार्मिक गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में समां बांधा। इस साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान उपकार सिंह दयालपुरी, हरि सिंह चमक, राज सिंह बधोची, सुरिंदर कौर बारा, राजविंदर सिंह चौहान समेत कई स्थानीय कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर इस साहित्यिक कार्यक्रम में रंग जमा दिया.
कार्यक्रम के दौरान शिरोमणि बाल लेखिका कमलजीत नीलों ने लड़कियों के खिलाफ सामाजिक भेदभाव पर एक संवेदनशील रचना प्रस्तुत की। उसके बाद चरण पुआधि और सतीश विद्रोही ने अपनी पुआधि बोली के माध्यम से रंगारंग रचनाएँ प्रस्तुत कीं। समारोह की अध्यक्षता पंजाबी चेतना साहित्य सभा के अध्यक्ष हाकम सिंह, पूर्व उपनिदेशक (भारती प्रसारण) एवं डाॅ. अचरू सिंह ने किया। अतिथियों का स्वागत सभा के प्रधान हाकम सिंह ने किया। अंत में सभा के संरक्षक एवं मुख्य अतिथि प्रख्यात व्यवसायी एवं कवि अजयपाल सिंह बाठ ने सामाजिक मूल्यों को समर्पित बापू पर आधारित रचना प्रस्तुत कर माहौल को संवेदनशील बना दिया। चेतना साहित्य सभा ने मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की और भविष्य में पंजाबी मातृभाषा के विकास के लिए किए जाने वाले कार्यों में हर तरह का सहयोग देने का वादा किया। उन्होंने पंजाबी मातृभाषा के प्रचार-प्रसार के लिए 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी ।
साहित्यिक आयोजन के अंत में परिषद के अध्यक्ष, पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा अतिथियों का विशेष सम्मान किया गया। मंच संचालन की जिम्मेदारी डाॅ. गुरुमीत सिंह पूर्व प्रधान पंजाबी विभाग ए.एस. कॉलेज खानों द्वारा बहुत अच्छा किया गया। समस्त कार्यक्रम के सूत्रधार के रूप में डाॅ. कुलदीप सिंह दीप ने अहम भूमिका निभाई। जिला भाषा अधिकारी जगजीत सिंह ने अतिथियों का धन्यवाद किया। सुरिंदर कौर बारा, हरि सिंह चमक, संत सिंह सोहल, एडवोकेट जसविंदर सिंह सिद्धू, संस्थान के छात्र और शिक्षक शामिल हुए।
