fbpx

Kedarnath Yatra: एक माह की अतिवृष्टि के बाद केदारनाथ यात्रा फिर से शुरू, भक्तों की उमड़ी भीड़, प्रशासन अलर्ट

Uttarakhand News: केदारनाथ पैदल मार्ग फिर से खुल गया। भूस्खलन के कारण मार्ग को बंद कर दिया गया था. पहले दिन 7102 श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए. अब तक 11 लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए हैं.

Kedarnath Yatra 2024: उत्तराखंड में लगातार एक माह की अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं के कारण बाधित गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग को अब फिर से खोल दिया गया है. लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में चट्टानों में गहरे छेद कर सरियों के जाल और सुरक्षा पुस्तों का निर्माण किया है. इसके अलावा, प्रशासन द्वारा सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है, ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी रहे. 

रविवार को यात्रा पुनः शुरू होने के बाद केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली. इस दिन 7102 श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए, जो एक महीने में सबसे अधिक संख्या है. गौरतलब है कि इस वर्ष केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद से अब तक 11 लाख 60 हजार से अधिक भक्तों ने बाबा के दर्शन किए हैं. केदारनाथ यात्रा एक बार फिर से रफ्तार पकड़ रही है और श्रद्धालुओं का उत्साह धार्मिक आस्था से भरा हुआ है.

यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट
यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं. सोनप्रयाग सेक्टर के मजिस्ट्रेट राकेश सिंह ने जानकारी दी. उन्होंने कहा कि रविवार को यात्रा मार्ग फिर से खुलने के बाद कुल 18,388 यात्री केदारनाथ के लिए रवाना हुए. इनमें से 4626 यात्री यात्रा के बाद सोनप्रयाग लौट आए. जबकि बाकी यात्रियों ने केदारनाथ धाम में रुककर पूजा-अर्चना की. 

लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
पिछले महीने हुई अतिवृष्टि के कारण पैदल मार्ग पर भूस्खलन और पत्थरों के गिरने की घटनाओं ने यात्रा को अस्थायी रूप से बाधित कर दिया था. जिसके चलते प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग को बंद कर दिया था. अब मार्ग को फिर से खोलने के बाद यात्रा पूरी तरह सुरक्षित घोषित की गई है. वहीं श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है. केदारनाथ यात्रा का धार्मिक महत्व भारतीय संस्कृति में अत्यधिक है और सालभर के दौरान लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेते हैं.

यात्रा की सफलता और सुरक्षा में प्रबंधन का अहम योगदान
यात्रियों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के साथ ही, प्रशासन यात्रा के सुचारू संचालन के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. मार्ग में आवश्यक चिकित्सा और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई हैं. जिससे किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े. यात्रा की सफलता और सुरक्षा में प्रबंधन के उपायों का अहम योगदान है. भविष्य में भी इन्हें और मजबूत किया जाएगा. ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुखद बनी रहे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *