Anti Paper Leak Bill: बिहार विधानसभा सत्र के दूसरे दिन भारी हांगामें के कारण सदन से एंटी पेपर लीक बिल पेश नहीं हो सका, अब सरकार इसे आज बुधवार को सदन के पटल पर रखेगी.

Bihar Assembly Monsoon Session: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है. आज बुधवार (24 जुलाई) को सदन में सरकार एंटी पेपर लीक बिल पेश करेगी. हालांकि की ये बिल कल ही सदन के पटल पर रखा जाना था, लेकिन विपक्ष के सदन से वाकआउट कर देने के कारण ये बिल पेश नहीं हो सका. अब उम्मीद है कि आज बुधवार को ये बिल जरूर पेश होगा. इसे राज्य सरकार की तरफ से बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण ) विधेयक 2024 नाम दिया गया है. सदन की कार्यवाही 11 बजे से शुरू हो जाएगी.
10 साल की सजा के साथ एक करोड़ का जुर्माना
इस विधेयक के पास हो जाने के बाद पेपर लीक मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या साजिशकर्ताओं पर 10 साल की सजा के साथ एक करोड़ का जुर्माना भी लगाया जाएगा. साथ ही पेपर लीक मामले में शामिल किसी भी छात्र या समूह के लिए सजा के प्रावधानों को बढ़ाया जा सकता है. इस कानून के तहत सभी अपराध संज्ञेय और गैर जमानती होंगे, मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को ही विधायकों के बीच बिहार लोक परीक्षा विधेयक 2024 की प्रति बांट दी की गई थी.
वहीं अगर परीक्षा में शामिल कोई भी कर्मचारी कानून का उल्लंघन करते पकड़ा गया तो उसके लिए एक करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है. साथ ही परीक्षा में जो भी खर्च आएगा, उसकी वसूली उन कर्मचारियों से की जाएगी और उन्हें 4 साल के लिए ब्लैक लिस्ट किया जाएगा.अगर कोई व्यक्ति या समूह पेपर लीक मामले में परीक्षा कर्मियों के साथ मिलीभगत करता है तो अधिकारियों और उक्त व्यक्ति के लिए 5 से 10 साल की सजा और एक करोड़ रुपये के जुर्माना लगेगा. साथ ही उन दोषी लोगों की संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान किया जाएगा.
आज सदन में पेश होंगे तीन बिल
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले ही मानसून सत्र में पेपर लीक पर नया बिल लाने की घोषणा की थी और आज सदन में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा. इसके अलावा आज बिहार माल और सेवा कर ( संशोधन) विधेयक 2024, बिहार लिफट एवं एस्केलेटर विधेयक 2024 भी सदन में पेश किए जाएंगे. कल मंगलवार को सदन में विपक्षी नेताओं के भारी हंगामे के कराण ये बिल पेश नहीं हो सका, क्योंकि विपक्ष के नेता बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने को लेकर हंगामा कर रहे थे. उनका कहना था कि केंद्रीय बजट में विशेष राज्य की घोषणा होनी चाहिए थी और अगर ऐसा नहीं हुआ तो नीतीश कुमार सरकार से समर्थन वापस लें.
