नाबार्ड द्वारा विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी
फतेहगढ़ साहिब, 20 जून : डेरी खेती और दूध का प्रसंस्करण के बारे में आजीविका उद्यम विकास कार्यक्रम ( LEDP ) के अंतर्गत 10 दिन प्रशिक्षण कार्यक्रम ज़िला फतेहगढ़ महोदय का गांव वार्षिक जीवन सिंह एक पर शुरू हो गया जिसमें कुल 30 स्वयं सहायता समूह/संयुक्त दायित्व समूह हैं सदस्य अनुभाग लेगा.
इस संबंध में नाबार्ड के ए.जी.एम श्री संजीव कुमार ने अधिक जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम आजीविका और उद्यम विकास कार्यक्रम राष्ट्रीय किनारा के लिए कृषि और ग्रामीण विकास ( नाबार्ड ) के माध्यम से द्वारा प्रायोजित हो गया गया है और लुधियाना स्थित कौशल उन्नयन प्रशिक्षण सेवाओं ( सूट ) द्वारा । का आयोजन किया हो गया चल जतो

यह अवसर श्री संजीव कुमार ने कहा पता कर रहा है कहा , नाबार्ड अलग ग्रामीण विकास योजनाओं पसंद वह किसान उत्पन्न करनेवाला संगठन ( एफपीओ ) , आजीविका और उद्यम विकास कार्यक्रम ( LEDP ) आदि को लागू के कारण आय उत्पादन करने के लिए और रोज़ी रोटी के लिए सफल उद्यम का इंस्टालेशन और प्रबंध में स्वयं सहायता समूह का सदस्यों का लगातार सहायता करना जस है वे कहा वह यह योजना अंतर्गत गांव में प्रदर्शनी इकाई कॉम उत्पादन बीच में भी स्थापित हो गया.
देविंदर कुमार , क्लस्टर मुखिया , ने बताया वह प्रशिक्षण कार्यक्रम नई और अभिनव TECHNIQUES को अपनाया क आय बढ़ोतरी और उत्पादन और उत्पादकता में सुधार पर केंद्रित करूंगा और प्रतिभागियों के लिए दूध प्रसंस्करण में नई बाजार कड़ी का अवसर खुलेगा , जो साथ वे का आय में बढ़ोतरी या सुधार होगा.
अधिक जानकारी दे रही है होय , एच. एस। भाटिया , सीईओ और प्रिंसिपल , सूट , कहा वह किसान यह क्षेत्र में दूध उत्पादों का मौका , दूध का प्रसंस्करण का ज़रूरत और महत्व , दूध उत्पादों के बारे में व्यावहारिक सत्र के बारे में जान-पहचान करूंगा
यह से इसके अलावा प्रशिक्षण कार्यक्रम दौरान तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा जैविक कृषि , पशु चिकित्सा स्वास्थ्य अभ्यास पसंद वह टीकाकरण , बीमारियाँ , बैंकिंग और खेती पर आधारित सहायक गतिविधियाँ के बारे में इंटरएक्टिव सत्र भी संचालित चल जतो और डॉ. दर्शन सिंह चीमा मुख्य स्रोत व्यक्ति इस अवसर पर रहेंगे अभिवादन डीन , शाखा प्रबंधक , करमजीत सिंह , पूर्व अध्यक्ष , मिल्कफेड , पंजाब और प्रख्यात डेरी किसान- राम सिंह और जिल्दसाज़ सिंह भी उपस्थित थे.
